राजस्थान बजट 2026-27: युवा, महिला, शिक्षा, प्रयटन और किसान के भविष्य की दिशा तय करने वाला बजट

राजस्थान बजट 2026-27

राजस्थान बजट 2026-27: राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप है। वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश यह बजट इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार विकास को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि गांव, किसान, युवा, महिलाएं और वंचित वर्ग सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस 'विकसित भारत' की परिकल्पना की जा रही है, उसी सोच के अनुरूप यह बजट विकसित राजस्थान की नींव मजबूत करता दिखाई देता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस बजट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि सुशासन, रोजगार और समावेशी विकास उसकी प्राथमिकता है। 



राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मजबूत आर्थिक ढांचा और संतुलित वित्तीय प्रबंधन

बजट 2026–27 का कुल आकार लगभग 6.10 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। राजस्व और व्यय के बीच संतुलन बनाते हुए राजकोषीय घाटे को GSDP के 3.69 प्रतिशत तक सीमित रखना यह दर्शाता है कि सरकार विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी गंभीरता से ले रही है। राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और निवेश को मुख्य आधार बनाया गया है।



बजट में सड़क, पानी और ऊर्जा पर बड़ा फोकस

प्रदेश में सड़कों, फ्लाईओवर, ROB/RUB, और राज्य राजमार्गों के विस्तार व सुदृढ़ीकरण के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

पेयजल के क्षेत्र में “मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी)” के विस्तार, नए पेयजल कनेक्शन, ट्यूबवेल और हैंडपंप जैसी योजनाएं ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों की जल समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा पार्क, ग्रिड सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों के विकास से राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा के हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास दिखाई देते हैं। 



युवा सशक्तीकरण और शिक्षा को बढ़ावा

इस बजट की सबसे सशक्त विशेषताओं में से एक है युवा सशक्तीकरण। सरकारी और निजी क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर, नई भर्तियों का कैलेंडर, और कौशल विकास कार्यक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनाना चाहती है।

कॉलेजों और स्कूलों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र, डिजिटल मेंटरिंग, टेक्नो हब, AI आधारित लर्निंग लैब, टैबलेट/लैपटॉप के लिए ई-वाउचर जैसी योजनाएं शिक्षा को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। 



किसान और कृषि के लिए बजट में व्यापक प्रावधान

कृषि और किसान कल्याण के लिए बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। सिंचाई परियोजनाएं, सोलर पंप, कृषि यंत्रों पर अनुदान, ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण, बीज स्वावलंबन योजना और एग्री-स्टैक जैसी पहलें किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने में सहायक होंगी।

साथ ही, एग्री-प्रोसेसिंग, GI टैग आधारित उत्पादों के प्रचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की योजनाएं कृषि को केवल परंपरागत नहीं, बल्कि लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने का प्रयास हैं। 



महिला सशक्तीकरण की ओर कदम

महिलाओं के लिए ग्रामीण महिला BPO, स्वयं सहायता समूहों को बड़े ऋण, 'राज सखी स्टोर्स', पोषण वाटिकाएं और बालिका योजनाओं का विस्तार यह दर्शाता है कि सरकार महिला सशक्तीकरण को केवल नारा नहीं, बल्कि नीति के रूप में लागू कर रही है।

सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और नए अस्पताल ढांचे से आम नागरिक का जीवन स्तर बेहतर बनाने की कोशिश स्पष्ट दिखाई देती है। 



पर्यटन क्षेत्र में राजस्थान की पहचान को वैश्विक स्तर पर ले जाना

पर्यटन क्षेत्र में स्पेशल टूरिज्म ज़ोन, हेरिटेज संरक्षण, वार म्यूज़ियम और सांस्कृतिक सर्किट जैसी योजनाएं राजस्थान की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेंगी।

वहीं, हरित विकास, जल संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी योजनाएं यह संदेश देती हैं कि विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं, बल्कि उसके साथ संतुलन बनाकर किया जाएगा। 



निष्कर्ष

कुल मिलाकर, राजस्थान बजट 2026–27 एक दूरदर्शी, समावेशी और व्यावहारिक बजट के रूप में सामने आता है। यह बजट न केवल आज की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करता है। रोजगार, शिक्षा, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में संतुलित सोच दिखाई देती है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह बजट नए राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को प्रगति, समृद्धि और सामाजिक संतुलन की ओर आगे ले जाने की क्षमता रखता है।



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लेखक

Subodh Thapliyal

सुबोध थपलियाल एक अनुभवी कंटेंट राइटर और B.A. ग्रेजुएट हैं। पिछले 2 सालों से आर्टिकल्स लिख रहे सुबोध को हमेशा कुछ नया और रचनात्मक करने में गहरी रुचि रहती है। वे जटिल विषयों को सरल और रोचक बनाने में माहिर हैं।