मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना 2026: राजस्थान में ₹25 लाख तक मुफ्त इलाज और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना 2026 राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। इस योजना का उद्देश्य महंगे इलाज के बोझ से आम लोगों को राहत देना है। सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना 2026: राजस्थान में ₹25 लाख तक मुफ्त इलाज और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा

Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana 2026: राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) राज्य की सबसे बड़ी और सबसे भरोसेमंद स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। पहले इसे मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसे और व्यापक बनाते हुए आयुष्मान आरोग्य योजना के रूप में लागू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि राज्य का कोई भी परिवार इलाज के अभाव में या पैसों की कमी के कारण परेशान न हो और हर नागरिक को सम्मानजनक, सुरक्षित व कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। आज के समय में जब गंभीर बीमारियों का इलाज लाखों रुपये में पहुंच चुका है, ऐसे में यह योजना आम लोगों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है।


योजना का उद्देश्य क्या है?

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य राजस्थान के प्रत्येक पात्र परिवार को महंगे अस्पताल खर्च से बचाना है। सरकार चाहती है कि इलाज के समय परिवार की जमा-पूंजी, जमीन या गहने बेचने की नौबत न आए। इसी सोच के तहत यह योजना शुरू की गई, जिसमें पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है, चाहे इलाज सरकारी अस्पताल में हो या किसी मान्यताप्राप्त निजी अस्पताल में।


मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के प्रमुख लाभ

1. ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹25 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर और जटिल सर्जरी तक के लिए मान्य होती है।

2. दुर्घटना बीमा का लाभ

योजना में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि ₹10 लाख तक का जीवन दुर्घटना बीमा कवर भी शामिल है, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।

3. कैशलेस इलाज की सुविधा

सरकारी और योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर एक भी रुपया जेब से नहीं देना पड़ता। पूरा भुगतान सरकार द्वारा सीधे अस्पताल को किया जाता है।

4. अस्पताल खर्च का पूरा कवरेज

इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने से 5 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का खर्च भी शामिल होता है। इसमें दवाइयाँ, जांच, ऑपरेशन, ICU चार्ज, डॉक्टर फीस आदि सभी खर्च कवर होते हैं।

5. गंभीर बीमारियों का इलाज

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में कई महंगे और जटिल इलाज भी शामिल हैं, जैसे—

• किडनी, लिवर और हार्ट ट्रांसप्लांट

• बोन मैरो ट्रांसप्लांट

• कोकलियर इम्प्लांट

• कैंसर का इलाज

• हार्ट सर्जरी और न्यूरो सर्जरी


योजना की पात्रता (Eligibility)

राज्य सरकार ने इस योजना को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा है ताकि हर वर्ग के लोग इसका लाभ ले सकें।

1. नि:शुल्क श्रेणी (Free Category)

इस श्रेणी के परिवारों को कोई भी प्रीमियम नहीं देना होता। यह योजना उनके लिए पूरी तरह मुफ्त है। इसमें शामिल हैं—

• NFSA (खाद्य सुरक्षा योजना) से जुड़े परिवार

• SECC 2011 के पात्र परिवार

• लघु एवं सीमांत किसान

• राज्य सरकार के संविदाकर्मी

2. सशुल्क श्रेणी (Paid Category)

वे परिवार जो मुफ्त श्रेणी में नहीं आते और सरकारी कर्मचारी या पेंशनर भी नहीं हैं, वे इस योजना में ₹850 प्रति वर्ष का प्रीमियम देकर शामिल हो सकते हैं। असल में योजना का कुल प्रीमियम ₹1700 है, जिसमें से 50% राशि सरकार वहन करती है और शेष ₹850 परिवार को देना होता है।

नोट: राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी इस योजना के अंतर्गत नहीं आते, उनके लिए अलग से RGHS (Rajasthan Government Health Scheme) लागू है।


जरूरी दस्तावेज

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में पंजीकरण के लिए बहुत ज्यादा कागजातों की जरूरत नहीं होती, जिससे आम आदमी को आसानी रहे। मुख्य दस्तावेज इस प्रकार हैं—

• जन आधार कार्ड (सबसे अनिवार्य)

• आधार कार्ड (e-KYC के लिए)

• मोबाइल नंबर, जो आधार/जन आधार से लिंक हो


आवेदन प्रक्रिया: योजना में रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

1. ऑनलाइन आवेदन (SSO पोर्टल से)

आप स्वयं घर बैठे राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद Ayushman Arogya सेक्शन में जाकर जन आधार के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा किया जा सकता है।

2. ई-मित्र केंद्र के माध्यम से

यदि आपको ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो, तो आप नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
सशुल्क श्रेणी के लाभार्थियों को वहीं पर ₹850 की राशि जमा करनी होती है और रसीद मिल जाती है।


अस्पताल में योजना का लाभ कैसे लें?

जब भी किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती होना हो, तो उसे—

• जन आधार कार्ड या आयुष्मान कार्ड साथ ले जाना होता है।

अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य मार्गदर्शक आपकी पूरी मदद करते हैं चाहे वह भर्ती प्रक्रिया हो, इलाज की जानकारी हो या कैशलेस क्लेम से जुड़ी औपचारिकताएं।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना राजस्थान सरकार की एक दूरदर्शी और जन-हितैषी पहल है। यह योजना न केवल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी देती है कि बीमारी की स्थिति में सरकार उनके साथ खड़ी है। ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज, न्यूनतम दस्तावेज, सरल आवेदन प्रक्रिया और व्यापक कवरेज— ये सभी इसे राजस्थान की सबसे सफल स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल करते हैं। अगर आप या आपका परिवार अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ा है, तो जल्द से जल्द पंजीकरण करवा कर इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ जरूर उठाएं।

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