मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2026: दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए ₹50 लाख तक का निःशुल्क इलाज

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को राहत देना है जो दुर्लभ और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को ₹50 लाख तक का निःशुल्क इलाज और इलाज के दौरान ₹5,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2026

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2026: राजस्थान सरकार ने गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों का आर्थिक सहारा बनना है, जिनके छोटे बच्चे ऐसी बीमारियों से ग्रसित हैं जिनका इलाज सामान्य तौर पर बहुत महंगा होता है और आम परिवार की पहुंच से बाहर होता है। इस योजना के तहत सरकार न सिर्फ इन बच्चों का इलाज करवाएगी, बल्कि उनके परिवारों को आर्थिक रूप से भी संबल प्रदान करेगी, ताकि इलाज के दौरान पैसों की कमी बाधा न बने। यह योजना हजारों गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है।


योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरुआत साल 2024 में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर की गई थी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित यह योजना 18 वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चों के लिए बनाई गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि:

• राज्य का कोई भी बच्चा सिर्फ पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।

• दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

• परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हो।


योजना के अंतर्गत मिलने वाले प्रमुख लाभ

इस योजना को खास तौर पर व्यापक और प्रभावी बनाया गया है, ताकि इलाज के साथ-साथ परिवार को भी राहत मिल सके।

1. इलाज के लिए बड़ी आर्थिक सहायता
योजना के तहत पात्र बच्चों को गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम ₹50 लाख तक की चिकित्सा सहायता दी जाती है। यह राशि पूरी तरह सरकारी सहायता के रूप में प्रदान की जाती है।

2. मासिक देखभाल सहायता
इलाज के दौरान बच्चों की देखभाल और परिवार के अन्य खर्चों को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से ₹5,000 प्रति माह की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाती है।

3. दुर्लभ बीमारियों का व्यापक दायरा
इस योजना में लगभग 56 प्रकार की दुर्लभ बीमारियों को शामिल किया गया है, जिनमें जन्मजात और अनुवांशिक रोग भी शामिल हैं। ये वे बीमारियां हैं जिनका इलाज सामान्य सरकारी योजनाओं में संभव नहीं हो पाता।


किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?(पात्रता)

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं:

• लाभार्थी की आयु 0 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

• बच्चा राजस्थान का मूल निवासी हो या पिछले कम से कम 3 वर्षों से राज्य में निवास कर रहा हो।

• बीमारी का नाम भारत सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ बीमारी नीति, 2021 की सूची में शामिल होना अनिवार्य है।

• राज्य सरकार द्वारा चिन्हित कम से कम दो सरकारी अस्पतालों से बीमारी की पुष्टि जरूरी है।

इन शर्तों को पूरा करने पर ही बच्चा योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।


आवेदन करने की प्रक्रिया कैसे होगी?

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखने का प्रयास किया है।

1. सबसे पहले अभिभावक को ई-मित्र केंद्र या SSO ID के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

2. आवेदन संबंधित जिले के CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) को भेजा जाएगा।

3. इसके बाद केस को जांच के लिए जेके लोन अस्पताल, जयपुर या एम्स जोधपुर जैसे नामित अस्पतालों में भेजा जाएगा।

4. विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बीमारी की पुष्टि होने के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन - Apply Online


योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे:

• जन आधार कार्ड

• बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड

• मूल निवास प्रमाण पत्र

• सरकारी अस्पतालों द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट

• बीमारी से संबंधित जांच और प्रमाण पत्र


विशेष कोष की व्यवस्था

इस योजना को लंबे समय तक प्रभावी रूप से चलाने के लिए सरकार ने एक विशेष निधि (Special Fund) का गठन किया है। इसमें:

• राज्य सरकार का अनुदान

• CSR फंड

• दानदाताओं एवं क्राउडफंडिंग से प्राप्त राशि को शामिल किया गया है, ताकि इलाज के लिए धन की कभी कमी न हो।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस योजना को बच्चों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। उनका कहना है कि सरकार का प्रयास है कि दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को न सिर्फ इलाज मिले, बल्कि उन्हें एक बेहतर जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त हो।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना सीधे तौर पर समाज के बीमार बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। यह योजना न केवल आर्थिक राहत देती है, बल्कि माता-पिता को यह भरोसा भी देती है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। अगर इस योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो यह हजारों बीमार बच्चों के लिए एक नई उम्मीद बन सकती है।

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